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यूपी पुलिस नहीं चाहती उत्तर प्रदेश बने 'उत्तम प्रदेश '

      यूपी पुलिस नहीं चाहती उत्तर प्रदेश बने 'उत्तम प्रदेश ' उत्तर प्रदेश अब  तक 'उत्तम प्रदेश' कब का बन गया होता, पर रास्ते में एक रोड़ा आज भी है। जी हाँ, हम बात कर रहे है 'यूपी पुलिस की'। सूबे के प्रशासन व्यवस्था की कार्यशैली पर  सवाल  तो हमेशा से ही उठते रहे है। एकबार फिर कुछ ऐसा ही देखने को मिला है। मामला मऊ जिले के घोसी थानाक्षेत्र खदरी गांव का हैं जंहा तमंचे के बल पर 10वीं की छात्रा के साथ बलात्कार की सनसनीखेज वारदात सामने आई है।  पूरा मामला संज्ञान में आने के बाद भी पुलिस कार्रवाई करने की बजाय सुलह कराने में लगी रही।   मिली जानकारी के मुताबिक पड़ोस के गांव का एक दबंग युवक 10वीं की छात्रा को तमंचें के बल पर अपनी बाइक पर जबरन बैठकर ले गया और गांव के बाहर स्थित पोखरे के पास के बलात्कार जैसी घटना को अंजाम दिया। इतना ही नहीं, आरोपी ने इस बारे में किसी को कुछ बताने पर छात्रा व उसके पूरे परिवार को जान से मार देने की धमकी दी। लेकिन साहस दिखाते हुए पीड़िता ने घर पहुंचकर अपनी मां को आपबीती सुनाई, जिसके बाद पीड़िता की मां इसकी शिकायत लेकर स्थ...

कड़वा है..पर सच है

कड़वा है..पर सच है .....  एक लड़का अपना फोन स्पीकर पर डालकर अपनी गर्लफ्रेंड से बात करता है 'मिल के मज्जे लेते हैं यार' और बगल में बैठे चार दोस्त चटखारे ले रहे हैं, ऐसा कई पुरुष भी करते होंगे.  जब किसी भी लड़की को यह बात पता चलेगी कि उसका ही दोस्त, उसकी इज्ज़त तो बेआबरू कर रहा है तो वह कैसे किसी पुरुष मित्र पर भरोसा कर पायेगी?  एक माँ अपनी बेटी से क्यों नहीं कहेगी कि लड़कों से बात मत करो, दोस्ती मत करो और फिर हम इसे रुढ़िवादी मानसिकता का नाम देंगे.

अलविदा से पहले तेरा शुक्रिया ए जाने वाले साल...

बस 1 दिन और, और शुरुआत एक नए साल की । देखते देखते 365 दिन गुजर गए । युं लगता है जैसे अभी कुछ दिन पहले ही तो हम एक दूसरे को नव वर्ष की शुभकामनायें दे रहे थे । वक्त थमता नहीं है । दिन हफ़्तों में, हफ्ते महीनों में और महीने साल में बदलते जाते हैं । पुराना बीत जाता है और नया साल आ जाता है । लेकिन बदलता क्या है ? सिर्फ तारीख ? या कुछ और भी । जी हां, गुजरते वक्त के साथ और भी बहुत कुछ बदल जाता है । बीता साल बहुत सी खट्टी मीठी यादें छोड़ जाता है । बहुत से पलों को तो हम भूल भाल भी जाते हैं । लेकिन इस बार आप एक काम कीजिये,आज के दिन जैम के जी लीजिये  फुरसत के साथ , जाने वाले साल की यादों को ताजा कीजिये ।ख़ुशी के पलों को याद करके फिर एक बार आनंदित हो जाइए । आपने कुछ सपनों के ताने बाने बुने होंगे, उनको इस आने वाले साल में एक दिशा देने का प्रयास कीजिये । कुछ गलतियां भी हुयी होंगी, कुछ यार रूठे होंगे । कुछ नए मित्र भी बने होंगे । किसी के आँगन में नन्ही किलकारियाँ गूंजी होगी । कुछ सुखद तो कुछ दुखद घड़ियां भी आई होंगी । ये ही तो जीवन है । जीवन के इन हसीन, मधुर पलों को सहेजकर...

आइये अपने अन्दर एक दीप जलाये ..

  एक बार फिर दिपावली का त्योहार मनाने हम जा रहे हैं दीपावली के छ: दिन बाद हम डूबते सूर्य को नमस्कार कर अगले दिन उगते सूर्य को नमस्कार कर छठ त्योहार मनाएंगे। सभी त्योहार हमें मन के अंधकार को दूर कर संतोष की कला सिखाता है ताकि हम सुख व शांति प्राप्त कर मुक्ति पाने के लिए प्रार्थना कर सकें।                                                                           क्या वास्तव में हम ऐसा कर पा रहे हैं। आत्ममंथन करें, आज फिर एक बार हमारे सामने एक सुनहरा अवसर है गणेश पूजा, श्राद्ध, दुर्गापूजा, दशहरा, बकरीद के बाद दीपावली, छठ, और गुरूनानक जयन्ती सभी बार-बार मुझे यह बताने का प्रयास कर रहा है कि सत्य की सदा जय होती है। रावणी शक्ति का हमेशा अंत होता है, अंधकार पर सदा प्रकाश विजय प्राप्त करती है लेकिन आज हम आधुनिकता के दौड़ में अंधा होकर दिन-रात लगे हुए हैं। हमें इतना भर भी सोचने का समय नहीं है कि जो...

आदमी ही आदमी को छल रहा है

                                                                                                                                                                                                                                                                                            ...

कलयुगी रावण

                                                                                                                                                                                                                  कलयुगी रावण                                                                       ...

वाह रे ...........मोदी राज़

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                        वाह रे...मोदी राज़                                                                                                                                        कुछ दिनों पहले की खबर है , एक पांच साल की लड़की का तीन लोगों ने मिल के बलात्कार किया और कल फिर से ढाई साल की बच्ची का सामूहिक बलात्कार हुआ, दोनों के जननांग बुरी तरह चोटिल हैं और उन से लगातार खून बह रहा है. लेकिन इन सब ख़बरों से बेखबर  'बहुत हुआ नारी पर वार, अब की बार मोदी सरकार' का नारा देने वाले बीजेपी के नेता सुबह से शाम तक सिर्फ गौ-रक्षा का महत्व ही समझा रहे हैं. लड़कियों को दिन ढलते ही घर आने की सलाह देने वाले...